झांसी: बुविवि में पहली बार क्षेत्रीय प्रदर्शनी आयोजित, सर्वश्रेष्ठ कलाकारों को सम्मान


शुभम श्रीवास्तव
झांसी, 20 दिसम्बर 2019 (दैनिक पालिग्राफ)। राज्य ललित कला अकादमी के अध्यक्ष डा. राजेंद्र सिंह पुंडीर ने कहा कि कला सबको रोजगार देने में सक्षम है। इस तथ्य को देखते हुए अकादमी राज्य के अधिकतम युवाओं को खुद से जोड़ने के लिए संकल्पबद्ध है। अब कोशिश यही की जा रही है कि राज्य का कोई कलाकार न छूटे जिसके हाथ में अकादमी का प्रमाणपत्र न हो। वे शुक्रवार को बुंदेलखंड विश्वविद्यालय में पहली बार आयोजित क्षेत्रीय कला प्रदर्शनी के पुरस्कार वितरण समारोह में बतौर मुख्य अतिथि कार्यक्रम में उपस्थित कलाकारों को संबोधित कर रहे थे। इस कार्यक्रम में क्षेत्रीय कला प्रदर्षनी में आई कृतियों में से तीन सर्वश्रेश्ठ कृतियों का चयन कर उसे बनाने वाले कलाकारों को सम्मानित किया गया।
डा. पुंडीर ने कहा कि कला हर व्यक्ति को कल्पना देती है। यह अनुशासन समेत अनेक गुणों को विकसित करती है। कला की साधना से मनुश्य में चिंतन, मनन और रचनात्मकता का गुण और निखरता है। उन्होंने कहा कि अब अकादमी कलाकारों के पास पहुंचकर उनकी प्रतिभा को मंच देने का कार्य कर रही है। इसी मौके पर राज्य ललित कला अकादमी के सचिव डा. यषवंत सिंह राठौर ने अकादमी के विविध निर्णयों का ब्यौरा पेष किया। उन्होंने कहा कि अकादमी ने पहली बार पूरे राज्य को पंाच की बजाय सात क्षेत्रों में बांटकर क्षेत्रीय कला प्रदर्षनी का आयोजन किया। बुंदेलखंड क्षेत्र के कलाकारों को विषेश प्रोत्साहन देने के लिए पहली बार यहां क्षेत्रीय प्रदर्षनी का आयोजन किया गया। इस प्रदर्शनी में कुल 191 कृतियां आईं। कुल 61 कलाकारों ने इसमें सहभागिता की। उन्होंने कहा कि अकादमी की वेबसाइट को अपडेट कर उसे जनवरी में री लांच किया जाएगा ताकि अधिकाधिक कलाकारों से जुड़ाव हो सके। डा. राठौर ने बताया कि अकादमी की छा़त्रवृत्तियों की संख्या अब पंाच से बढ़ाकर 12 कर दी गई है। अब छात्रवृत्ति भी प्रति माह पांच हजार रुपये की दर से दी जाएगी। छात्रवृत्ति का विज्ञापन जनवरी में आएगा। उन्होंने कहा कि जल्दी ही बरेली में कला षिविर का आयोजन किया जाएगा। यहां के कुछ कलाकारों को भी उसमें शामिल होने का अवसर मिलेगा।
विशिष्ट अतिथि और राज्य नाटक एवं संगीत अकादमी के उपाध्यक्ष डा. धन्नूलाल गौतम ने कहा कि क्षेत्रीय प्रदर्शनी के आयोजन से क्षेत्रीय कलाकारों और युवाओं को सृजन में और संजीदगी से जुटने की प्रेरणा मिलेगी।


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