जानें सूर्य ग्रहण में किन 3 महामंत्रों के जाप से टलेगा हर संकट, राशियों पर कैसा रहेगा असर, किन कार्यों पर होगी पाबंदी
शुभम श्रीवास्तव
नई दिल्ली, 20 जून 2020, (दैनिक पालिग्राफ)। 21 जून यानी रविवार को साल का पहला सूर्य ग्रहण को लगने वाला है। यह ग्रहण सुबह 9 बजकर 15 मिनट से दोपहर 3 बजकर 4 मिनट तक रहेगा। यह ग्रहण मंगल के नक्षत्र में पड़ने वाला है। ज्योतिर्विदों के अनुसार, भारत समेत कई देशों पर इस सूर्य ग्रहण का नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है। यह सूर्य ग्रहण ऐसे वक्त में पड़ रहा है जब राहु-केतु समेत कुल छह ग्रह वक्री हैं। ज्योतिषियों का कहना है कि अगर ग्रहण काल में आप कुछ खास मंत्रों का जाप करें तो आपके सिर से संकट टल सकता है।
सूर्य ग्रहण का सूतक काल 12 घंटे पहले यानी 20 जून को रात करीब 9 बजकर 25 मिनट से लगेगा। ग्रहण में सूतक काल काफी अहम माना जाता है। सूतक काल लगने के बाद से ही आप कुछ खास मंत्रों का उच्चारण कर सकते हैं।
ये मंत्र देंगे सूर्य ग्रहण में लाभ
1. “तमोमय महाभीम सोमसूर्यविमर्दन। हेमताराप्रदानेन मम शान्तिप्रदो भव॥१॥”
2.“विधुन्तुद नमस्तुभ्यं सिंहिकानन्दनाच्युत। दानेनानेन नागस्य रक्ष मां वेधजाद्भयात्॥२॥”
3. "ॐ आदित्याय विदमहे दिवाकराय धीमहि तन्न: सूर्य: प्रचोदयात"
जानें आपकी राशि के लिए कैसा रहेगा दिन ...
मेष- काम में काफी व्यस्त रहेंगे, अचानक यात्रा करनी पड़ सकती है, धन लाभ के योग हैं। शुभ रंग पीला और भाग्य प्रतिशत 70 रहेगा।
वृषभ- रोजगार में परिवर्तन के योग हैं, आर्थिक स्थिति बेहतर होगी, परिवार में शुभ कार्य होगा। शुभ रंग सफेद और भाग्य प्रतिशत 80 रहेगा।
मिथुन- धन का लाभ होगा, रिश्तों की समस्या हल होगी, करियर में लाभ के योग हैं। शुभ रंग आसमानी और भाग्य प्रतिशत 90 रहेगा।
कर्क- स्वास्थ्य का ध्यान रखें, करियर में बदलाव होगा, मित्र की सलाह से लाभ होगा। शुभ रंग सिल्वर और भाग्य प्रतिशत 60 रहेगा।
सिंह- संतान की समस्याएं हल होंगी, अचानक स्थान परिवर्तन हो सकता है, विवाह तय होने के योग हैं। शुभ रंग धानी और भाग्य प्रतिशत 70 रहेगा।
कन्या- पुराना डूबा हुआ धन मिलेगा, करियर में बाधाएं खत्म होंगी, वाहन ध्यान से चलाएं। शुभ रंग गुलाबी और भाग्य प्रतिशत 80 रहेगा।
तुला- मान-सम्मान की प्राप्ति होगी, परिवार में मंगल कार्य होने के योग हैं, धन लाभ के योग हैं। शुभ रंग नीला और भाग्य प्रतिशत 75 रहेगा।
वृश्चिक- सेहत बिगड़ सकती है, परिवार में तनाव हो सकता है, वाणी और क्रोध पर नियंत्रण रखें।
धनु- संतान पक्ष पर ध्यान दें, निर्णयों में सावधानी रखें, किसी महिला के सहयोग से लाभ होगा। शुभ रंग लाल और भाग्य प्रतिशत 70 रहेगा।
मकर- करियर में बदलाव के योग हैं, सेहत में सुधार होगा, दौड़-भाग बढ़ेगी। शुभ रंग हरा और भाग्य प्रतिशत 65 रहेगा।
कुंभ- परिवार में मंगलकार्य का योग है, करियर में सफलता मिलेगी, संपत्ति का लाभ हो सकता है। शुभ रंग सफेद और भाग्य प्रतिशत 75 रहेगा।
मीन- जीवनसाथी से मतभेद हो सकता है, सेहत के मामलों में लापरवाही ना करें, लिखा-पढ़ी में सावधानी की जरूरत है। शुभ रंग सुनहरा और भाग्य प्रतिशत 60 रहेगा।
जानें किन 12 कामों पर होगी पाबंदी
साल का पहला सूर्य ग्रहण 21 जून 2020 को सुबह करीब 9 बजकर 15 से शुरू होगा। यह ग्रहण दोपहर 03 बजकर 04 मिनट तक रहने वाला है। ज्योतिर्विदों की मानें तक ग्रहण का सूतक काल 12 घंटे पहले यानी 20 जून को रात करीब 9 बजकर 25 मिनट से लगेगा। ग्रहण में सूतक काल काफी अहम माना जाता है।
आइए जानते हैं कि ग्रहण का सूतक लगने के बाद कौन से काम वर्जित माने जाते हैं-
1. ग्रहण के दौरान किसी भी प्रकार के खाद्य पदार्थ का सेवन न करें। हालांकि ग्रहण के नियम का यह नियम बच्चों, बीमार लोगों और बुजुर्गों पर लागू नहीं होता।
2. सूतक काल के दौरान किसी भी तरह का नया काम या शुभ कार्य करने से परहेज करना चाहिए। घर मकान का निर्माण, वाहन की खरीदारी या शादी-विवाह की तैयारियों के बारे में ना सोचें।
3. ग्रहण का सूतक काल लगने के बाद नुकीली चीजों का इस्तेमाल करना अशुभ माना जाता है। सूतक के दौरान कैंची, चाकू, कांटा या सुई जैसी धारदार और नुकीली चीजों का इस्तेमाल करने से बचें।
4. सूतक लगने के बाद मंदिरों के कपाट बंद हो जाते हैं। सूतक के दौरान पूजा-पाठ नहीं करनी चाहिए और भगवान की मूर्तियों को हाथ से स्पर्श भी नहीं करना चाहिए।
5. ग्रहण का सूतक काल लगने के बाद प्रकृति ज्यादा संवेदनशील हो जाती है। यही कारण है कि इस दौरान पेड़, पौधों और पत्तों को नहीं तोड़ना चाहिए। हालांकि तुलसी के पत्तों को पहले ही तोड़कर रख लें और पानी में भीगने दें। सूतक लगने के बाद यदि किसी को खाना परोसें भी तो उसमें तुलसी का पत्ता जरूर डालें।
6. बालों पर कंघी करना, दांतून करना या नाखून काटना भी सूतक के दौरान अशुभ माना जाता है। इसलिए ग्रहण के दौरान ऐसा कोई काम ना करें।
7. सूतक के दौरान आपको भगवान का ध्यान करना चाहिए इससे नकारात्मकता का आप पर कोई प्रभाव नहीं पड़ता। इस समय आप धार्मिक पुस्तकों का भी अध्ययन कर सकते हैं।
8. गर्भवती महिलाओं को ग्रहण की घटना को देखने से भी बचना चाहिए। हो सके तो ग्रहण के दौरान घर से बाहर न निकलें। अगर आप ग्रहण देखती हैं तो गर्भ में पल रहे बच्चे को शारीरिक या मानसिक परेशानियां हो सकती हैं।
9. धार्मिक मान्यता के अनुसार, ग्रहण का सूतक लगने के बाद किसी गरीब या असहाय व्यक्ति का अपमान नहीं करना चाहिए। ऐसा करने से आप पाप के ज्यादा भागीदार बनते हैं।
10. ग्रहण काल का सूतक लगने के बाद गर्भवती महिलाएं ग्रहण खत्म होने तक धातुओं से निर्मित वस्तुओं को न पहनें और न ही उनका प्रयोग करें।
11. इस दौरान गर्भवती महिलाओं को खाने में छोंक या तड़का भी नहीं लगाना चाहिए। खाने को जितना साधारण रख सकें उतना बेहतर होगा।
12. सूतक काल लगने के बाद मांस-मछली, शराब या सिगरेट आदि का सेवन करने की भी मनाही होती है। सूतक लगने के बाद से ही इसका सख्त परहेज करना चाहिए।
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