शुभम श्रीवास्तव
लखनऊ, 12 जुलाई 2020, (दैनिक पालिग्राफ)। संजय आर भूसरेड्डी की अध्यक्षता में जांच दल का गठन किया गया है। ये एसआईटी विकास दुबे और उसके गुर्गों के द्वारा अर्जित की गई संपत्ति का ब्यौरा जुटाने के साथ-साथ पुलिस की मिलीभगत की जांच भी करेगी।
बताते चलें कि कानपुर के बिकरू गांव में आठ पुलिसकर्मियों की हत्या मामले में पड़ताल के लिए विशेष जांच दल का गठन किया गया है। इन आठ पुलिसकर्मियों की गैंगस्टर विकास दुबे और उसके गुर्गों ने हत्या की थी। इस मामले की जांच के लिए अपर मुख्य सचिव संजय भूसरेड्डी की अध्यक्षता में एसआईटी का गठन किया गया है। जांच दल 31 जुलाई तक अपनी रिपोर्ट शासन को सौंपेगा। एसआईटी विकास दुबे की एक साल की कॉल डिटेल खंगालेगी जिसमें माफिया के अपराध और पुलिस के गठजोड़ की कहानी खुलकर सामने आने की संभावना है।
एसआईटी इस बात की जांच करेगी कि विकास दुबे गिरोह के साथ स्थानीय पुलिस के क्या संबंध थे? विकास दुबे के मामले में मुकदमे और उस पर किसी कार्रवाई के दौरान पुलिस की क्या भूमिका थी? क्या विकास दुबे और उसके साथियों को सजा दिलाने की पर्याप्त कोशिश हुई या नहीं, इसकी जांच पड़ताल की जाएगी। गैंगस्टर विकास दुबे और उसके गुर्गों पर गुंडा एक्ट, गैंगस्टर एक्ट सहित दूसरी कार्रवाई क्यों नहीं की गई थी? किसकी लापरवाही से विकास दुबे गंभीर आरोपों के बाद भी छुट्टा घूमता रहा, इसकी भी जांच की जाएगी।
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