पत्रकारिता के क्षेत्र में सही मार्ग पर चलने की प्रेरणा श्री नारद जी से मिली : सुनील आंबेकर जी, (अखिल भारतीय प्रचार प्रमुख, राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ)
- श्री नारद जयंती पर विश्व संवाद केन्द्र कानपुर प्रान्त के तत्वावधान में वेबिनार सम्पन्न
शुभम श्रीवास्तव
झाँसी, 27 मई 2021। विश्व संवाद केन्द्र कानपुर प्रान्त के तत्वावधान में गुरुवार दिनांक 27 मई 2021 को नारद जयंती पर एक वेबिनार आयोजित किया गया। वेबिनार की अध्यक्षता छत्रपति साहू जी महाराज कानपुर विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. विनय पाठक जी ने किया तथा संचालन अनुपम किशोर जी ने किया। मुख्यवक्ता के रुप में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के अखिल भारतीय प्रचार प्रमुख सुनील आंबेकर जी उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के मुख्य वक्ता एवं राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के अखिल भारतीय प्रचार प्रमुख सुनील आंबेकर जी ने वेबिनार में उपस्थित सभी जनों को नारद जयंती की शुभकामना देते हुए कहा कि पत्रकारिता के क्षेत्र में सही मार्ग पर चलने की प्रेरणा हम सभी को नारद जी जैसे महात्माओं से मिली है। उन्होंने कहा कि आज पत्रकारिता के क्षेत्र ने एक व्यापक रुप ले लिया है। देश व दुनिया के प्रत्येक क्षेत्र में मीडिया जगत का व्यापक स्वरुप बना हुआ है। उन्होंने कहा कि विषयों के अनुरुप देखा जाए तो आध्यात्मिक, पर्यावरण, सामाजिक, विज्ञानव जीवन के हर क्षेत्र में पत्रकारिता का दखल है। उन्होंने कहा कि कम्यूनिकेश के माध्यमों में तकनीक के आधार पर भी मीडिया जगत का विस्तार हुआ है। उन्होंने कहा कि यदि देखा जाए तो वर्तमान समय में छोटे-छोटे समाचार पत्रों से लेकर बड़े-बड़े समाचार चैनल, सोशल मीडिया व बहुत से नए-नए प्लेटफाॅर्म तैयार हो चुके हैं। प्राचीन काल में एक समय था कि केवल सम्पादक ही लिखते थे, लेकिन अब लिखने के बहुत सारे प्लेटफाॅर्म व प्रकार हैं।
उन्होंने कहा कि हमारे देश में पत्रकारिता की पहली पीढ़ी नेक, निष्ठावान, कार्य को लेकर कभी समझौता न करने वाली, अत्यंत प्रतिभावान थी। आज हमारे देश का सौभाग्य है कि पत्रकारिता जगत ने उच्च श्रेणी की पत्रकारिता को प्रारम्भ किया है।
उन्होंने श्री नारद जी का स्मरण करते हुए कहा कि भगवान नारद जी का चरित्र सर्वगुण सम्पन्न है। ऐसे ही वर्तमान में पत्रकारिता जगत में कार्य कर रहे बुद्धिजीवी लोगों को भी अहंकार से परे उठकर समाज सेवा में लगे रहना चाहिए। सुख, दुख दोनों का समाचार दें परन्तु भयभीत किये बिना एवं व्यक्ति को सद्मार्ग का रास्ता भी दिखाएं। जिस प्रकार भगवान श्री नारद जी लोकहित में समाचारों का आदान-प्रदान करते थे आज उसी प्रकार की पत्रकारिता की आवश्यकता है। जानकारियां पाने हेतु सात्विक शक्तियों का उपयोग करें। उन्होंने कहा कि समाज में आज महत्वपूर्ण तर्क आवश्यक हैं, न कि कुतर्क। उन्होंने कहा कि प्रश्न करना चाहिए, वाद-विवाद करना चाहिए, परन्तु जायज जिससे समाज के लोगों को सही रास्ता मिले।
उन्होंने कहा कि श्री नारद जी गुणों की प्रासंगिकता आज भी है। किसी भी क्षेत्र का व्यक्ति हो उसकी एक स्वतः जिम्मेदारी होती है। जैसे सामाजिक, राष्ट्रीय आदि सभी जिम्मेदारियों का अनुभव महत्पूर्ण हैं। जब व्यक्ति अपनी जिम्मेदारी से कार्य करता है तो समाज का स्वतः ही विकास होता है। जिम्मेदार नेता, पत्रकार, फिल्म निर्देशक, पाठक व दर्शक सभी को होना चाहिए। इसलिए महात्मा नारद जी का चरित्र केवल पत्रकारों के लिए नहीं अपितु पूरे समाज के लिए है। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार ताली एक हाथ से नहीं बजती दोनों हाथ महत्पूर्ण होते हैं। नारद जी का भी संदेश दोनों हाथों के लिए है। यानि केवल पत्रकार ही नहीं बल्कि आम जनमानस को भी अपनी भमिका निभानी होगी अर्थात् चरित्रवान समाज भी आवश्यक है। जहां उचित व अनुचित का निर्णय होता है वहां चरित्र बनता है। उन्होंने कहा कि जिम्मेदार लोगों की जिम्मेदारियां महत्वपूर्ण हैं। एक पत्रकार अपनी लेखनी के माध्यम से समाज का नेतृत्व करता है।
उन्होंने कहा कि जैसे संकट के समय एक कुशल योद्धा की परीक्षा होती है। वैसे आपातकाल या विशेष परिस्थिति में सभी लोगों की महत्वपूर्ण भूमिका रहती है। सहभागिता के लिए सोशल मीडिया एक अच्छा माध्यम है। उन्होंने कहा कि समाचार पत्रों में पहले एक अभिमत का काॅलम चलता था, परन्तु अब वर्तमान समय में उसका विस्तार सोशल मीडिया के रुप में हुआ है। उन्होंने कहा कि जा लोग सोशल मीडिया का उपयोग लिखने के लिए कर रहे हैं, उनकी भी जिम्मेदारी बनती है कि गलत समाचारों को आगे न बढ़ाएं। प्रिंट व इलेक्ट्राॅनिक मीडिया को सम्पादन के समय ध्यान में रखना चाहिए कि सम्पादन के समय निरपेक्षता बनी रहे। सोशल मीडिया पर लिखने वालों को सही गलत का आभास होने की आवश्यकता है। सोशल मीडिया एक सार्वजनिक माध्यम है लोगों तक अपनी बात पहुंचाने का, तो उसका उपयोग भी समाजहित में करना चाहिए।
उन्होंने कहा कि आज के समय में पत्रकारिता का विस्तार हुआ है। श्री नारद जी के चरित्र को बरकरार रखने की जिम्मेदारी सभी की है। युवाओं को भी इस ओर ध्यानाकर्षित करना होगा। आज देश एक विशेष प्रकार की परिस्थिति से गुजर रहा है। कोरोना कााल चल रहा है। इस समय सरकार की कमियों को उठाने की अपेक्षा उपलब्धियों को भी जनता के सामने लाना चाहिए जिससे भयावह स्थिति में कमी आए। क्योंकि यदि भय उत्पन्न करने वाली या भड़काने वाली बातें अधिक आएंगीं तो देश में एक विपरीत स्थिति पैदा हो सकती है। पत्रकारों ध्यान देना होगा कि आपदा के इस दौर में अनावश्यक बातों को स्थान न देकर राष्ट्रहित, समाजहित, व्यापकहित बातों को महत्व देना चाहिए। पत्रकारों का सही समाचारों को प्रकाशित करने का कर्तव्य बनता है।
उन्होंने कहा कि आज देश को अच्छे कार्यों की आवश्यकता है। जिस प्रकार स्वयंसेवक पूरे देश में आपदा के इस दौर में अनेक प्रकार की समाजसेवी संस्थाओं के साथ मिलकर लोगों के हित में कार्य कर रहे हैं। ऐसी समाहित बातों को समाज के सामने लाने की आवश्यकता है। आधा सत्य समाज के सामने नहीं लाना चाहिए, अपितु पूरा सत्य लाना चाहिए। हमारे लिए अच्छी खबर है कि आज 20 करोड़ से भी ज्यादा लोगों ने टीकाकरण करवा लिया है। बहुत सी ऐसी सकारात्मक बाते हैं जिन्हें हमें समाचारों में स्थान देना चाहिए।
उन्होंने संदेश देते हुए कहा कि हमें नारद जी के आदर्शों पर आगे बढ़ना चाहिए। उन्होंने कहा कि 29 अगस्त 1936 में एक वर्ग के समापन पर सरसंघचालक पूज्य डाॅ. हेडगेवार जी ने कहा कि संघ का कार्य नैतिक बल पर होता है, भारत की यही विशेषता है तथा आज के दौर में इसी दिशा में आगे बढ़ने की आवश्यकता है।
कार्यक्रम का संचाल करते हुए अनुपम किशोर जी ने कहा कि देवर्षि नारद पत्रकारिता जगत की प्रथम कड़ी कहे जाते हैं। उन्होंने कहा कि जब भारत में पत्रकारिता की खोज प्रारम्भ हुई तो वह श्री नारद जी पर जाकर रुकी। उन्होंने कहा कि भारत का पहला हिन्दी समाचार पत्र उदन्त मार्तण्ड था। इसके प्रकाशन का पहला अंक प्रकाशक जुगल किशोर जी ने नारद जयंती पर ही किया। उन्होंने बताया कि भारत सर्वप्रथम 1948 में बहुभाषी समाचार एजेंसी ‘हिन्दुस्थान समाचार’ का प्रारम्भ भी हुआ। उन्होंने कहा कि प्रारम्भ से ही श्री नारद जी पत्रकारिता जगत के आदर्श माने जाते हैं।
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे छत्रपति साहू जी माहराज, कानपुर विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. विनय पाठक ने कहा कि पिछले कई वर्षों में कई रुपों में पत्रकारिता के क्षेत्र में काफी बदलाव हुए हैं। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में युवाओं की सोशल मीडिया पर उपस्थिति ज्यादा रहती है। उन्होंने कहा कि जो छात्र पत्रकारिता के क्षेत्र में जा रहे हैं, उनके साथ एक कुशल संवाद व चिंतन की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि कई ऐसे सकारात्मक कार्य हैं जो समाज के बीच में नहीं पहुंचते तो ऐसे कार्यों को पत्रकारिता के माध्यम से हमें समाज के बीच में लाना चाहिए। उन्होंने कहा कि हम लोगों को आज संकल्प लेना चाहिए कि जिन विषयों पर हमें कार्य करने की आवश्यकता है, हम उन पर कार्य करें। अच्छे कार्यों को प्राथमिकता के साथ सामजहित में प्रकाशित करने की आवश्यकता है, जिसे प्राथमिकता से प्रकाशित किया गया। ऐसा संकल्प हम सभी को श्री नारद जयंती के अवसर पर लेना चाहिए।
इस दौरान वेबिनार में मुख्य रुप से राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से अखिल भारतीय प्रचार प्रमुख सुनील जी, अखिल भारतीय सह प्रचार प्रमुख नरेन्द्र जी, प्रांत प्रचारक कानपुर प्रान्त श्रीराम जी, सह प्रान्त प्रचारक कानपुर प्रान्त रमेश जी एवं सभी दायित्ववान बन्धु व पत्रकारिता जगत से जुड़े लोग उपस्थित रहे।
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